धोखे से दलित परिवार की ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई at Barnoh (Code: HP/23 -04-2021/16, Date: 11-Dec-2020 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by NDMJ - Himachal Pradesh
Case code HP/23 -04-2021/16
Case year 11-Dec-2020
Type of atrocity Wrongfully dispossesses/Cultivates land or premises
Whether the case is being followed in the court or not? No

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 11-Dec-2020
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: UNA(DP)
State: Himachal Pradesh
Police station UNA SADAR
Complaint date 26-Apr-2021
FIR date 31-Dec-1969

Case brief

Case summary

यह घटना जिला ऊना के गांव बरनोह की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 4 कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 70 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में राजपूत जाति के 30  घर,जाट जाति के 12 घर,ब्राह्मण जाति के 7 घर और लोहार जाति का 1 घर है  इस गांव में 2 प्राइमरी व एक +2 तक हाई स्कुल है इस गांव में डिस्पेंसरी भी है व् पानी की भी कोई समस्या नहीं है.

 

          इसी गांव में लोहार जाति में से बलबीर सिंह स्पुत्र राम रक्खा रहता है  जिसकी उम्र लगभग 55 वर्ष की है.वह जिला शिमला में बेल्डिंग का काम करता है और किराये पर रहता है. बलबीर सिंह पिछले 40 सालों से शिमला में रह रहा है. बलबीर सिंह शादी शुदा है और उसके दो बच्चे है जो शिमला में ही पढ़ते है. बलबीर सिंह 2 भाई है. उसके बड़े भाई का नाम राम आसरा है. वह ध्याड़ी मजदूरी का काम करता है. और बरनोह गावं में ही रहता है. बलबीर सिंह और राम आसरा दोनों के हिस्से में 14-14 मरले जमीन आती है. बलबीर सिंह के गावं से राजपूत जाति  से अभिषेक ठाकुर स्पुत्र पंजाब सिंह रहता है. अभिषेक ठाकुर प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है. उसने बलबीर सिंह के बड़े भाई राम आसरा को कहा की आप मुझे अपने हिस्से की 14 मरले जमीन मुझे दे दो उसके बदले में मैं आपको सडक के किनारे बड़िया सी जमीन लेकर दे दूंगा. लेकिन अभिषेक ने राम आसरा को धोखे में रखा और 14 मरले की बजाय सिर्फ अढाई मरले ही जमीन दी जिसका खसरा नंबर 1279 है. इस घटना को अंजाम अभिषेक ठाकुर ने 25 नबम्बर,2020 को स्पुत्र पंजाब सिंह ने अंजाम दिया. पंजाब सिंह सरकारी नौकर है. वह PWD में काम करता है. इसके बाद अभिषेक ठाकुर ने बलबीर सिंह को कहा की आप मुझे अपनी 14 मरले जमीन दे दो उसके बदले में मैं आपको 17 मरले जमीन दे दूंगा और उसी दिन अभिषेक ठाकुर ने बलबीर सिंह को बताया की आपके बड़े भाई राम आसरा ने भी मुझे अपनी जमीन बेच दी है. 11 दिसम्बर, 2020 को बलबीर सिंह को इस सारी घटना के बारे में पता चला और उसी दिन बलबीर सिंह को ये बात सुन कर बोहत हेरानी हुई की उसके बड़े भाई ने उसे इस बात के बारे में नही बताया. जब बलबीर सिंह ने अपने बड़े भाई राम आसरा से इस बात के बारे में पूछा तो राम आसरा ने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया. बार-बार पूछने के बाद राम आसरा ने बलबीर सिंह को यह बताया की अभिषेक ठाकुर ने मुझे कहा की आप मुझे अपने हिस्से की जमीन मुझे दे दो उसके बदले में मैं आपको सड़क के किनारे बड़िया सी जमीन लेकर दे दूंगा लेकिन अभिषेक ने राम आसरा को सिर्फ अढाई मरले ही जमीन दी. जब बलबीर सिंह ने ये सारी बात अपने बड़े भाई से सुनी तो उसके दिमाग में यह बात आई की अभिषेक ठाकुर मेरे साथ भी धोखा कर रहा है. लेकिन तब तक अभिषेक ठाकुर बलबीर सिंह की जमीन की रजिस्ट्री करवा चूका था. 19 जनवरी,2021 को बलबीर सिंह ने अभिषेक ठाकुर को फोन किया और कहा की अभिषेक तुमने हमारे साथ धोखा किया है तो अभिषेक ठाकुर बलबीर सिंह को धमकी देने लगा की आप लोगो को जो करना है वो कर लो मैं आपको कोई जमीन नही दूंगा. उसके बाद 21 जनवरी,2021 को बलबीर सिंह ने तहसीलदार के पास एप्लीकेशन दी फिर तहसीलदार से दोनों पक्षों को बुलाया और इस बात के बारे में बात की. 9 फरवरी,2021 को तहसीलदार ने अभिषेक के द्वारा करवाई गयी जमीन की रजिस्ट्री को रद्द करवा दिया. उसके बाद अभिषेक ठाकुर ने तहसीलदार के खिलाफ SDM ऑफिस में रिपोर्ट कर दी.      

 

 

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