28 year women raped in livan Haryana (Code: HR-SNT-01, Date: 08-Aug-2014 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by AIDMAM Haryana
Case code HR-SNT-01
Case year 08-Aug-2014
Type of atrocity Rape
Whether the case is being followed in the court or not? Yes

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 08-Aug-2014
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: Sonipat(DP)
State: Haryana
Police station Rai
Complaint date 08-Aug-2014
FIR date 08-Aug-2014

Case brief

Case summary

सोनिपत में 21 वर्ष की दलित लडकी के साथ जाट जाति के 65 वर्ष के व्यक्ति ने रैप किया। खेत में घास काटने गई लडकी के साथ लडकी को मारने की धमकी दे कर लडकी से गलत ब्यान करवा दिये। लडकी के परिवार में ना पिता हैं ना भाई हैं। और लडकी की 6 बहने हैं और माँ हैं घर में कोई आये का साधन नहीं हैं।

 

ऑल इण्डिया दलित महिला अधिकार मंच की टीम इस केस को लेकर डी.एस.पी. एवं एस.पी. से मिले जिसमें कि डी.एस.पी सोनिपत पीडित लडकी से बहुत बुरे तरिके से बात कर रही थी। लडकी को कहा चल बोल क्या होया और क्यू इतने लोगो को लेकर आई हैं क्या तना सबर नी आया जो मैंने कल बोल दिया। उस पर जो तू इन सगंठन के लोगो को लेकर आई अकेले क्यू नहीं आई। और जिस डॉ ने लडकी का मैडिकल टैस्ट किया था। वो बोल रही तू कह रही हैं तेरा टैस्ट नही हुआ तू पागल हैं या इन्सान जो तुझे ये ही नहीं पता बता ना तेर तेरे कपडे उतरवाये थे। तेरे शरीर में उगली डाल कर देखी थी। या नहीं तुझे यहा बताते हुये शर्म आ रही हैं अभी तो हजार बार बताना पडेगा तुझे। लडकी बता रही कि जाट जाति के लोग उनका पीछा कर रहे थे परन्तु उसकी कोई बात नहीं सुन रहा पीडित लडकी को एक अपराधि की तरह से व्यवाहर किया जा रहा था। और डी.एस.पी. कहती हैं कि हम दुबारा आप के ब्यान के लिये फोन कर के बोल देगे अगर हो गया तो सही हैं अगर नहीं हुआ। तो हमारे हाथ में कुछ नहीं हैं। इसके बाद डॉक्टर मुझे पूछती कि आप कौन हो। मैंने कहा मेरा नाम मनीषा हैं और AIDMAM में स्टेट कॉडिनेट्रर हूं तो मुझे कहा आप समझा कर क्यू नहीं लेकर आये इसे मैंने कहा मैडम पहले ही आप जानती हैं ना हमारी लडकियों को कितना घर से बहार जाने दिया जाता हैं अगर वो कुछ हिम्मत कर के यहां न्याय के लिये आई हैं। हम अधिकारियों को भी उसे पीडित समझ कर ही बात करनी चाहिये उसके साथ बुरा हुआ हैं ना कि जिस तरह से आप बात कर रहे हो वो कोई अपराधि नहीं हैं लडकि बोल रही हैं उसके पेट में लाते मारी हैं दर्द हैं डी.एस.पी. बोल रही हैं ये मुझे क्यू बता रही हो डॉक्टर को बताती मैं क्या कर सकती हूं

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