Police is not registering FIR against attackers despite Dalit youth leaving village in fear of murder (Code: BR/Gop/04/2020, Date: 29-Mar-2020 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by NDMJ-Bihar
Case code BR/Gop/04/2020
Case year 29-Mar-2020
Type of atrocity SC/ST (POA) Act
Whether the case is being followed in the court or not? No

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 29-Mar-2020
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: Gopalganj(DP)
State: Bihar
Police station Baikunthpur
Complaint date 29-Mar-2020
FIR date 31-Dec-1969

Case brief

Case summary

                                दलित परिवार पर जानलेवा हमला बोलने वालो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है पुलिस ,

                                               ह्त्या की धमकियों के डर से गाँव छोड़ डाला दलित युवक  

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घटना 29 मार्च 2020 को घटित हुई . पीड़ित कन्हैया राम , पिता -भूलन राम , उम्र करीब 27 वर्ष , जाति -अनुसूचित ( चमार )  , ग्राम -  ,थाना -बैकुंठपुर , जिला - गोपालगंज का निवासी है . पीड़ित अपने गावं में अपने बिरादरी का मात्र -तीन घर है , उक्त  गाँव में करीब २०० परिवार राजपूतों का है . राजपुर लोग इतना दबंग है की उनके डर से कोई बोलने का हिम्मत भी नहीं करता है . राजपूत बिरादरी के लोगो द्वारा ही पीडितो के साथ घटना को अंजाम दिया गया है l बताते है कि घटना के रोज पीड़ित अपने परिवार के सदस्यों के साथ लोकडाउन  के चलते अपने दालान पर कुर्सी पर बैठा था . उसी रास्ते राजपूत जाति के दबंग ग्रामीण - नीरज सिंह गुजर रहे थे . पीड़ित ने नीरज को देखते कुर्सी नहीं छोड़ी जिल्सको लेकर श्री  सिह पीड़ित पर आग बबूला हो गए और जाति सूचक गालिया देते हुए मर पिट करने पर उतारू हो गए .पीडितो द्वारा बिरोध करने पर उन्होंने अपने परिवार व पड़ोसियों को आवाज देकर बुला लिये और पीड़ित व् उनके परिवार के सदस्यों को बेरहमी से लाठी डंडा से पिटाई करने लगे . उनले घरेलु साम्मान कुर्सी , टेबल , चारा कटाने की मशीन एवं घर के छज्जा को क्षतिग्रस्त कर दिया . घट्न को अंजाम देने में नीरज सिंह के साथ साथ ajदीपक सिंह , हरेन्द्र सिंह , निप्पू सिंह सहित करीब एक दर्जन लोग शामिल थे . स्थानीय लोगो ने बीच बचाव कर मामला को शांत किया . नीरज सिंह एवं अन्य द्वारा केस करने पर जान मारा देने एवं झूठे मुकदमो में फंसा कर बर्बाद कर देने की धमकियां दी गयी . उक्त घटना का पूर्वती कारन भी काफी महत्त्व पूर्ण है . करीब 01 महीने पूर्व राजपूत वर्ग के एक व्यक्ति ने एक मोची को जूता मरम्मतe करने में देर हो जाने पर सरेयाम पिटाई की जा रही थी . पीड़ित ने उक्त मामले में जबरदस्त हस्तक्षेप किया . तथा उक्त मामले  में पीड़ित गवाह भी है जिसको लेकर राजपूत वर्ग के लोग पीड़ित को टारगेट कर चौका है . पीड़ित द्वारा अपने साथ घटित घटना की प्राथमिकी के लिय स्थानीय बैकुंठपुर थाना में आवेदन दिया गया पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है . जब बैकुंठपुर थाना में प्राथमिकी दराज नहीं की गैयी तो एससी / एसटी थाना गोपालगंज में आवेदन दिया गया पर वही भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी . आरिओपी इतना दबंग व् पहुँच पैरवी वाला है की पीड़ित की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं होने दे रहा है . आरोपियों द्वारा थाना से आवेदन वापस लेलेने  का दबाव बनाया जा रहा है अन्यथा जान से मार देने की धमकियान दी जा रही है . डर के मारे पीड़ित गावं छोड़ दिया है . 

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