Nabalik dalit balak ki hatya (Code: UP-CR-007, Date: 29-Jun-2016 )

Back to search

Case Title

Case primary details

Case posted by Dynamic Action Group
Case code UP-CR-007
Case year 29-Jun-2016
Type of atrocity Murder
Whether the case is being followed in the court or not? Yes

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 29-Jun-2016
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: CHITRAKOOT
State: Uttar Pradesh
Police station Thana Pahari
Complaint date 29-Jun-2016
FIR date 29-Jun-2016

Case brief

Case summary

ग्राम पोस्ट - बछरन 

थाना  -   पहाड़ी 

जिला  - चित्रकूट 

1 . घटना का शीर्षक -   नाबालिक दलित बालक की हत्या 

2 . तथ्य खोजने का आधार - दैनिक जागरण

3 . अनुसुइया  ( चित्रकूट )

     संध्या    ( पहाड़ी )

4 . तथ्य अन्वेंषण का दिनांक  - 8/ 7 / 16

5 . घटना की तिथि व समय  - 29 / 06 /16 समय दोपहर २ बजे

6 . घटना स्थल  - बंधान के पास हार में सूखा नाला  ग्राम  (बछरन )

7 . घटना की प्रष्ठ भूमि एवम सारांश  -   बुंदेलखंड के अन्तरगत चित्रकूट दस्युओ व दादुओ के दबंगई व गुंडई का पर्याय बना हुआ है | यहाँ हत्या , बलात्कार जैसी घटनाएं घटित होना आम बात है | दलितों में जितना जागरूकता आई है | उतना ही घटनाएं उभर कर सामने आ रही है | पूर्व में घटित घटनाएं परिवार व समाज तथा गॉव में ही दबकर रह जाति थी | ऐसी ही हालत पर चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना के अंतर्गत बछरन गॉव में जो यादव , ब्राम्हण  , पटेल  , मुसलमानों से त्रस्त है |दलितों के ऊपर अत्याचार की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है |फुद्दा उर्फ़ हुसैन पुत्र जुम्मन पुत्र गरीब दास  ( मुस्लिम ) जो बकरियों को चोरी से पकड़कर बेचने व तस्करी का धंधा करता आ रहा है | इसी के चलते दिनांक 29/०६/१६ को गॉव के संतोष पुत्र सूरज पाल चमार की बकरिया को चुरा करके अपनी गाड़ी से भराकर के दूसरे गॉव भेजवा रहा था | जिसका विरोध कल्लू उर्फ आलोक पुत्र संतोष ने किया तो उसको अपनी ही कुल्हाड़ी से काट डाला और लाश को शिकरीया हार के सूखे नाले में फेक दिया ऊपर से कांटो का जार डाल दिया | लेकिन पुलिस ने अपने मन मुताबिक रिपोर्ट दर्ज किया | जब की इस घटना में फुद्दा रज्ज्व अली (पुत्र ) जुम्मन थे | लेकिन पुलिस सिर्फ फुद्दा को आरोपी बनाया | बाकी गुनाहगारो को अज्ञात में डाल दिया है | जब की फुद्दा खुद बता रहा था कि इस घटना में मै अकेले नहीं था | मेरे बड़े भाई तथा पिता जी भी थे | इसके बाद भी पुलिस ने उन वक्तियो के नाम दर्ज नहीं किये | पीड़ित लगातार डी . एम . , एस .पी  के यहाँ इन लोगो को शामिल किया जाए | इसके लगातार दौड़ने का कोई फ़ायदा नहीं हुआ | दिनांक 29/06/16 को कल्लू (उर्फ़ ) आलोक पुत्र संतोष उम्र १४ वर्ष जाति चमार निवासी बछरन थाना पहाड़ी ( चित्रकूट ) सुबह 10 बजे घर से बकरी लेकर खेत में चराने के लिए निकला तो रास्ते में फुद्दा उर्फ़ ( हुसैन ) पुत्र जुम्मन उम्र 18 वर्ष जाति मुस्लिम निवासी बछरन  रास्ते में मिल गया | और अपने साथ शिकरीया हार ले गया वहां पर पहले से ही बकरियों को चुराकर ले जाने के प्लान में बैठे थे | दोपहर 12 बजे के बीच में जब अन्य लोग खाना खाने अपने - अपने घरो में चले गए तो अकेला देखकर जुम्मन पुत्र गरीब दास , फुद्दा उर्फ ( हुसैन ) , रज्ज्व अली , इनायत अली ( पुत्र ) जुम्मन ने कल्लू (उर्फ़ ) आलोक की बकरियों को पकड़ - पकड़ कर गाडी में डालने लगे तो कल्लू ने विरोध किया तो सभी लोग मिलकर उसको अपनी कुल्हाड़ी से काटकर शिकरिया हार के सूखे नाले में फेक दिया | और बकरियों से भरी गाडी को ले कर जाने लगे |

              चलती गाडी में जो भी बकरिया दिखती थी तो पकड़ -पकड़ डालते जाते थे | जब शिकरिया गौव के पास गाडी पहुची तो अन्य चरवाहों ने देखा की चलती गाडी में बकरियों को पकड़ - पकड़ के दाल रहें है | तो लोगो ने आवाज दिया तब इन्होने जोर से गाड़ी चलाई तो अचानक गाडी बंद हो गई तो बकरियों की आवाज सुनकर काफी लोग इकठठा हो गए | तो दर की वजह से इन्होने सभी बकरियों को जल्दी - जल्दी गाडी से फेक दिया | और गाड़ी ले कर भाग गए |

                 अभी तक रिपोर्ट सिर्फ़ ( फुद्दा ) उर्फ़ हुसैन के नाम लिखी गयी | और वह जेल में है | और मुवावजे की पहली क़िस्त ८७ हजार ५०० रूपये मिल गया है |

8 . गॉव की सामाजिक आर्थिक व राजनैतिक प्रष्ठभूमि 

इस गॉव में १५०० चमार , १४०० कुम्हार ,२० भुजवा ,५ आरख ,१५ डोमार ,२ यादव ,३० मुसलमान ,५ ब्राम्हण ,१५ धोबी , ३ माली ,३ लोहार , ४ बढ़ई परिवार छुआछूत आज भी यहाँ पर विधमान है |  कृषि भूमि का 8० %  पटेलो के पास है | और १२ % खेती यादवों के पास है और 8 % में अन्य सभी जातियाँ  के पास भूमि है | यहाँ पर सिर्फ पटेलो के पास स्वमं का सिचाईं का साधन है | दलितों के पास कोई भूमि नहीं है | वे लोग बड़े - बड़े कास्तकारो के खेतो पर काम करके अपनी जीविका चलते है | अन्य कोई और संशाधन न होने के कारन दलित सूरत , पंजाब , मथुरा  , पूना , बाम्बे , आगरा , दिल्ही व कर्वी मजदूरी करने के लिए जाते है | महिलाये अधिक से अधिक गॉव में रहती है | और गॉव में रहकर म्हणत मजदूरी करती है | यही सब आर्थिक तंगी का फायदा भी दबंग लोग उठाते है | दबंगो के डर की वजह से आज पीड़ित परिवार का कोई साथ नहीं दे रहा है |

9 . दस्तावेजों की सूची  -  1 . F.I.R की कॉपी 

                              2 . प्रार्थना पत्र 

                              3 . जिला समाज कल्याण अधिकारी जनपद चित्रकूट का प्रार्थना पत्र 

                             4 . पीड़िता को आर्थिक सहायता शासनादेशों के दिलाये जाने हेतु प्रस्ताव प्रार्थना पत्र 

                             5 . D.M रिपोर्ट 

10 . पीड़ित गवाह पक्ष -  अभियुक्त अधिकारी के बयान -

क्रम सं.  नाम       उम्र    लिंग     पिता /पति   जाति   धर्म     व्यवसाय     पता                      बयान का दिनांक,समय  

1        संतोष      38   पुरुष    सूरजपाल     चमार   हिन्दू    मजदूरी     ग्राम+पोस्ट -बछरन         २९/०६/१६ , २:०५ 

                                                                                    थाना - पहाड़ी 

                                                                                    जिला - चित्रकूट      

2       भगवती   35    स्त्री     संतोष        चमार    हिन्दू   मजदूरी     ग्राम+पोस्ट -बछरन         २९/०६/१६ , २:३०  

  (उर्फ़)भगौती                                                                     थाना - पहाड़ी 

                                                                                        जिला - चित्रकूट 

पीड़ित १ . संतोष  

बयान - मै संतोष पुत्र सूरजपाल जाति चमार निवासी बछरन  पोस्ट बछरन  थाना पहाड़ी जिला चित्रकूट का निवासी हूँ | मै मजदूरी करके अपने परिवार का भरण - पोषण करता हूँ | मेरे तीन बच्चे थे | जिसमे दो लडके एक लड़की है बड़े लडके का नाम आशीष कुमार उम्र १६ वर्ष तथा दूसरा बेटा कल्लू उर्फ़ आलोक उम्र १४ वर्ष तीसरी बेटी नेहा उम्र १३ वर्ष है | मै कक्षा ४ तक पढ़ा हूँ | दिनांक २९/०६/१६ को सुबह १० बजे मेरा बेटा कल्लू उर्फ़ आलोक अपनी बकरी को लेकर चराने जमहिल हार गया था और साथ में कुत्ता भी ले गया था रस्ते में गॉव के बहार फुद्दा उर्फ़ हुसैन पुत्र जुम्मन उम्र १८ वर्ष जाति मुस्लिम मिल गया और वो मेरे बेटे को जमहिल के बंधान पर ले गया रस्ते में भजना उर्फ़ गोपाल उम्र ४० वर्ष जाति चमार गॉव से एक किलोमीटर दूर गॉव पुरवा में भैरम बाबा के स्थान  में किया खिल रहा था की उसने कहा की कल्लू तुम भी प्रसाद खाए जाओ लेकिन फुद्दा नहीं खाने दिया और साथ ले गया वहां पर पहले से रज्जन अली पुत्र जुम्मन उम्र २० वर्ष जुम्मन पुत्र गरीब दास ५० साल तथा उसके रिश्तेदार वहा बैठे थे | दोपहर २ : ३० बजे मेरे बेटे की बकरियों को गाडी में लादकर ले जाने लगे तो मेरे बेटे ने विरोध किया तो उसको कुल्हाड़ी से काटकर और वही पर सूखे नाले में लाश फेक दी और ऊपर से काटें के जार से ढक  दिया | शाम को जब मेरा कुत्ता अकेले घर आया और बेटा कल्लू नहीं आया तब मै और मेरी बीबी जुम्मन के घर पूछने गए | मने पुछा मेरा बेटा अभी तक घर नहीं आया | आपके बेटे के साथ बकरी चराने गया था | आपको कुछ पता है हुसैन उर्फ़ जुम्मन ने कहा मुझे कुछ नहीं पता है | तब मैंने अपने परिवार वालो से बताया की कल्लू उर्फ़ आलोक बकरी चराकर अभी नहीं आया |तो मेरे परिवार वाले ढूढ़ने खेतो में निकल गए और मै सीके पहाड़ी थाना सूचना देने चला गया | जब मै पहाड़ी ठाणे पंहुचा तो मेरा छोटा भाई राजेंद्र ने फ़ोन किया की भइय्या बकरिया मिल गई है और कल्लू उर्फ़ आलोक की लाश को अपने कब्जे में ले लिया और लाश को पहाड़ी ठाणे ले गए | रात भर लाश ठाणे में रखी रही इसके बाद दुसरे दिन सुबह लाश को जिला अस्तपाल पोस्टमोर्डम  के लिए दिनांक ०६/०७/१६ को हमारी रिपोर्ट लिखी 

पीड़ित 2 नाम भगवती उर्फ़ ( भगौती ) माँ 

बयान  

मै भगौती पत्नी संतोष उम्र ३५ वर्ष जाति चमार निवासी बछरन पहाड़ी थाना जिला चित्रकूट की हूँ | ,एरे तीन बच्चे थे दो बेटे एक बेटी जिसमे से मेरे छोटे बेटे आलोक की हत्या कर दी गई | मै अनपढ़ हूँ तथा मजदूरी करके अपना भरण - पोषण कराती हूँ | दिनांक २६/०६/१६ को मेरा बेटा कल्लू उर्फ़ आलोक लगभग १० बजे कह रहा था की अम्मा मुझे जल्दी खाना बना दो मुझे बकरिया चराने जाना है मै तुरंत नहा कर खाना बनायीं और कल्लू ने खाना खाया और दोपहर के लिए ले गया | शाम को जब मेरा कुत्ता अकेले आया और मेरा बेटा नहीं आया तो मै और मेरे पति जुम्मन के घर गए और पुछा की आप के बेटे के साथ मेरा बेटा बकरी चराने गया था अभी तक लौटकर नहीं आया है | कुछ पता है | आपको तो जुम्मन ने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता है इसमे फुद्दा उर्फ़ हुसैन आया और तुरंत मोबाईल निकालकर फ़ोन करने लगा जो फ़ोन मेरे बेटे को एक फ़ोन एक दिन पहले दिया था |उससे हमको शक हो गया | कि मेरा बेटा इसी के साथ था | जुम्मन के घर से लौटकर के ये बात अपने परिवार वालों को बताया | फुद्दा बकरियों को लेकर घर आ गया है | और कल्लू को जो फुद्दा ने एक पहले  मोबाइल दिया था | वह मोबाईल भी उसी के पास है |लेकिन हमारा कल्लू अभी तक लौटकर नहीं आया | तो मेरे परिवार के सारे लोग कल्लू को ढूढ़ने उसी तरफ निकल पड़े जिस तरफ कल्लू बकरियां चारा रहा था | और मेरे पति पहाड़ी ठाणे में बेटे के घर न आने कि सूचना देने पहाड़ी ठाणे चले गए | और ऊपर काटें के जार रख दिए थे | जब हम लोग कल्लू को ढूढ़ने खेतो में गए तो हमको रस्ते में फुद्दा उर्फ़ हुसैन की गाडी की नंबर प्लेट मिली और थोड़ी दूर पहुचे तो सूखे नाले में मेरे बेटे की लाश पड़ी थी ऊपर से कांटे के जार रखे थे | जब हम लोगो ने काटें के जार रखकर बंद कर दी थी लाश हम लोगो ने कांटे के जार को हटाया तो उसमे गले पर कुल्हाड़ी से काटने के निशान दिखा | मेरे परिवार और देवर राजेंद्र ने तुरंत मेरे पति को फ़ोन किया कि भईया तुम तुरंत सिकरिया हार नाले के पास आओ कल्लू की लाश तथा बकरियां मिल गई | आधा घंटा बाद पहाड़ी ठाणे की पुलिश तथा मेरे पति घटना स्थल  आ गए | पुलिस तुरंत लाश को अपने कब्जे में ले लिया | और तुरंत ले गई | और हम लोगो को वापस भेज दिया | लाश रात भर ठाणे में रखी थी | फिर दूसरे दिन पोस्टमोर्डम के लिए जिला अस्तपताल ले गए तथा लाश घर पर नहलाकर ऊपर ही ऊपर मेरे बेटे का दाह - संस्कार कर दिया गया | हम लोग घर पर ही थे | इसके बाद तुरंत ही फुद्दा को गिरिफ्तार कर लिया है | और भी व्यक्ति शामिल थे | इस घटना स्थल की रिपोर्ट पुलिस अपने मन मुताबिक लिखी है | जो हम लोगो ने बताया है उस हिसाब से नहीं लिखी गई है | सिर्फ फुद्दा ही जेल में है | बाकी लोगो को पुलिस नहीं पकड़ी है |

11 . गवाह पक्ष 

क्रम सं.  नाम         उम्र   लिंग   पिता / पति   धर्म    जाति   व्यवसाय   पता                          बयान,दिनांक,समय 

1       मोती लाल    50   पुरुष   सूरजपाल     हिन्दू   चमार   मजदूरी    ग्राम+पोस्ट -बछरन,            २९/०६/१६ ,03:00

                                                                                  थाना-पहाड़ी,जिला -चित्रकूट 

2       राजेंद्र         29   पुरुष    सूरजपाल     हिन्दू   चमार   मजदूरी    ग्राम+पोस्ट -बछरन,              २९/०६/१६, 03:15

                                                                                   थाना-पहाड़ी,जिला -चित्रकूट 

गवाह १ मोतीलाल बयान      मै मोती लाल पुत्र सूरजपाल उम्र ५० वर्ष जाति चमार निवासी बछरन , थाना - पहाड़ी जिला चित्र कूट का हूँ |मेरे चार बच्चे है |३ बेटा १ बेटी मै मजदूरी करके अपने परिवार का भरण - पोषण करता हूँ | २९/०६/१६ को शाम में मेरे भाई संतोष ने आके बताया की कल्लू अभी तक बकरिया चराकर नहीं आया है | मै जुम्मन के घर पता करने गया था कि कल्लू अभी तक घर नहीं लौटा है | तो जुम्मन ने मुझे कोई जानकारी नहीं दी कि आपका बेटा कहाँ है | जबकि फुद्दा और कल्लू दोनों साथ में बकरियां चराने गए थे | और फुद्दा घर वापस आ गया है हम सब लोग मिलकर कल्लू को ढूढ़ने निकले लोगो से पता करते -करते यह पता चला कि कल्लू सिकरिया हार की तरफ बकरिया चरा रहा था तभी मैंने अपने संतोष से कहा कि तुम सीधे पहाड़ी थाने जाकर कल्लू के घर न आने की सूचन दो और हम लोग जाकर कल्लू को ढूढ़ रहें है | ढूढते हुए हम लोग जब सिकरिया हार की तरफ निकले तो तो वहाँ पर सूखे नाले में कल्लू की लाश पड़ी थी | जिसके ऊपर कांटो का जार रखा था | इसके बाद संतोष को फ़ोन किया कि लडके की लाश मिल गई है | तो संतोष के साथ पहाड़ी थाने की पुलिस सीधे ही घटना स्थल पर पहुच गई | और लाश को अपने साथ पहाड़ी थाने ले गई | और दुसरे दिन हमारे बच्चे कल्लू का पोस्टमोर्डम हुआ | पोस्टमोर्डम के बाद अगले दिन जब हम लोग थाने गए तो c . o साहब ने बताया कि फुद्दा को मारने के बाद उसने यह बताया कि इस केस में अकेले नहीं था | मेरे साथ मेरा भाई राज्जव अली भी था | तथा बकरियों को कहाँ भेजा गया यह भी बताया | बकरियां तो वापस मिल गई पर उन्होंने अभी तक फुद्दा को ग्रिफ्तार किया है | और बाकी लोगो को नहीं पकड़ा |

गवाह  २ राजेंद्र राजेंद्र पुत्र सूरज पाल उम्र २९ वर्ष जाति चमार निवासी बछरन थाना पहाड़ी जिला चित्रकूट का हूँ | मै मजदूरी करता हूँ |मै २९/०६/१६ को जब मै शाम को मजदूरी करके घर वापस आया तो | घर पर पता चला की कल्लू (उर्फ़ ) आलोक अभी तक बकरियां चराकर घर वापस नहीं आया है | और संतोष भाई पहाड़ी थाने सूचना देने गए है | कल्लू के घर वापस न आने की इसके बाद में भी अपने भाइयों के साथ कल्लू को ढूढने चला गया | सिकरिया हार में ढूढ़ते हुए पहुचे जहाँ पर एक सूखे नाले में कल्लू की लाश पड़ी थी |उसके ऊपर काँटों का जार रखा था | सिकरिया के सूखे नाले में कल्लू की लाश मिली | तब मै तुरंत अपने भाई संतोष को फ़ोन किया कि भईया तुम तुरंत सिकरिया नाले के पास आ जाओ कल्लू की लाश मिल गई है | सूचना के आधे घंटे बाद मेरा भाई और पहाड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुच गई | रात भर हम लोग पहाड़ी थाने में बैठे थे | फिर दूसरे दिन लाश को सरकारी अस्तपताल में पोस्टमोर्डम के लिए भेजा गया | वही पर कल्लू का दाह संस्कार कर दिया गया | और हमारी रिपोर्ट पुलिस वालो ने अपने हिसाब से लिखी है |सिर्फ फुद्दा को गरिफ्तार किया गया है | और बाकी किसी को नहीं 

12 . अभियुक्त पक्ष 

क्रम सं . नाम   उम्र   लिंग   पिता /पति   धर्म       जाति /उपजाति   वयवसाय             पता 

1        फुद्दा    18  पुरुष    जुम्मन       मुस्लिम     मुस्लिम           तस्करी जानवर    ग्राम+पोस्ट-बछरन                                                                     बेचने वाला                                        थाना - पहाड़ी ,जिला 

                                                                                                     चित्रकूट 

नोट 

अभियुक्त (फुद्दा) जेल में है और घर के लोग ताला बंद करके फरार है |

13 घटना की वर्तमान स्थिति 

फुद्दा (उर्फ़) हुसैन जेल में है | अभी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है |और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता 87 हजार 500 रूपये प्रथम क़िस्त मिल गई है | फुद्दा के सिवा अन्य को पुलिस ने गरिफ्तार नहीं किया 

14 सरकारी अधिकारियो की भूमिका 

सपा कि सरकार होने नाते औप पुलिस पर नेताओं का दबाव होने के कारण पुलिस अपने हिसाब से F.I.R. दर्ज किया है |जिस तरह इन्होने प्रार्थना पत्र लिखकर दिया था वह नहीं लिखी गई है | अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध लगाती है | और कुल्हाड़ी और गाडी नम्बर प्लेट तथा घटना स्थल की फोटो ग्राफ थाने में C.O ने लिया है |

15 सुझाव  - अल्पकालिक पीड़ित पक्ष से लगातार संपर्क बनाये रखने की जरुरत है | ताकि पीड़ित पक्ष का मनोबल टूटे ना दीर्घकालिक इस केस में पैरवी करने की जरुरत है | क्यों कि परिवार पक्ष अब सपोर्ट नहीं कर रहा है | और गॉव वाले भी समझौते का दबाव डाल रहें है |

Total Visitors : 604046
© All rights Reserved - Atrocity Tracking and Monitoring System (ATM)