
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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victim -Shubash ,S/o- kharapaa,Address -vill-kotva, post-lohata, dist-varanasi, age-43
cast- SC, date of incident- 10-3-2016, time- 12:00, accused name - abdul hai, yasin, babudin ,
problem- repair the govt. handpamp & clean the sewage
subhash live in kotva. in village there are three govt. handpamp. bt in this one handpamp is destroyed. and water of sewage are flowing in village.by this there people are illness. so subhash and three people Baliram, Bachchelal, Pintu when are went to your gram pradhan abdul hai and told them that please repairing the handpump and raising the sewage water. then at this gram pradhan and his son yasin, babuandin are given abuse them of chamar-siyar and very bad abuse and beaten them with hand And legs.
नाम-प्रियंका चौकीकर पिता कोरकू चौकीकर, उम्र २७वर्ष, निवासी-जैरी चौक, शोभापुर कालोनी, पस्ट- सारनी, जिला बैतूल म.प्र.
प्रियंका चौकीकर दिनांक १०अक्टूबर२०१५ को घर से भोपाल पेपर(कंपटीशन) देने गई थी जो १/१०/१५को पेपर देकर शाम को वापस ट्रेन से लौट रही थी.जिसके मोबाइल पर शाम को बात हुई थी और फिर रात दस बजे से उसका मोबाइल बंद ह गया. प्रियंका रात मे ११-१२ बजे घर पहुंच जाना था लेकिन वह घर नहीं पहुंची. सुबह परिजनों ने उसे ढूंडा लेकिन पता नहीं चला.वे थाना भी गये. १४अक्टूबर२०१५ को थाना सारनी में गुमसुदगी ६६/१५ दर्ज की गई. लेकिन प्रियंका का पता नहीं चला.
दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने १७/११/१५ को शाहपुर के जंगल में महिला के कंकाल मिलने की खबर छापी जिस पर पर्जन थाना शाहपुर गये, कपड़ो से शिनाख्त की.
मामले में यह तथ्य सामने आये कि.
१. प्रियंका का मोबाइल नंबर ट्रेश करने में पुलिस ने लापरवाही की़
२. जिस नंबर पर प्रियंका की बात हो रही थी उस युवक को पुलिस ने महज औपचारिकता पूछताछ कर छोड़ दिया.
३. जहां पर कंकाल मिला वह जगह मुख्य सड़क नेशऩल हाइवे से कुछ ही दूरी पर है और पास ही एक ढाबा भी है.
४.आवागमम वाले क्षेत्र में लाश का पता ३७दिन बाद कंकाल बनने पर पता चला.
५. पुलिस द्वारा कंकाल बरामद करने के दो दिन बाद परिजनों क उसजगह पर सैंडिल मिले. पुलिस ने ठीक से खोजबीन नहीं की.
७.पांच माह बाद भी डीएनए रिपोर्ट नहीं आई है और ना कोई सुराग ही पुलिस तलाश पाई है.
८. केस मेंअब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और ना कंकाल परिजनों को सौंपा गया है.
25/12/2015 को ग्राम बड़ी टाकली, तहसील पुनासा, जिला खंडवा में रहने वाले जगदीश पिता बदम सिंह जाति कोरकू(अजजा) को दो पुलिसकर्मी पूछने घर आये और घर पर नहीं मिलने पर घर आये मेहमानों से मारपीट की. दोपहर में दो-ढाई बजे वे दोनो फिर आये और गांव में जगदीश के साथ मारपीट करने लगे, जगदीश उनसे मारपीट का कारण पूछता रहा लेकिन वे दोनों गंदी गंदी गालियां दे कर लात घूंसो से इतना मारा कि जगदीश ने पेशाब कर दिया. ग्रामीणों द्वारा रोकने पर वे उन्हे भी गाली दिये और जदगीश को लेकर चले गये. शाम को जगदीश क छोटा भाइ मुकेश थाना नर्मदा नगर गया तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनका भाई राकेश लड़की भगा के ले गया है, जगदीश और वो दोनों को ढूंड के लाये नहीं तो जेल में डाल देंगे, जगदीश को छोड़ने के लिये पुलिसकर्मियों ने मुकेश की मोटरसाइकिल थानें में रखवा ली. जगदीश को थानें में इतना मारा कि उससे चला भी नहीं जा रहा था.दूसरे दिन सुबह जगदीश भाइ राकेश और लड़की को ढूंडनें चला गया.
13/1/16 को राकेश लड़की के साथ घर आ गया तो राकेश की मां दोनों को लेकर थाना नर्मदा नगर आई जहां राकेश को बंद कर दिया. १९जनवरी को खंडवा जेल में मुकेश को एक पुलिसकर्मी ने बताया कि १५जनवरी को एक लावारीश लाश जंगल में मिली थी जिसके हाथ पर जगदीश लिखा था मामला नर्मदा नगर थाने का है. तब मुकेश थाना नर्मदा नगर आया, पूछताछ की तो मृतक के कपड़ेऔर फोटो से पता चला कि जगदीश की लाश थी जिसे पुलिस ने लावारिश पंचनामा, पोस्टमार्टम करवा कर दफन कर दिया.
सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते हैं-
१. पुलिस ने बिना कारण जगदीश के साथ मारपीट की, गिरफ्तार कर थाने में पीटा.
२ जगदीश की लाश पेड़ पर मिलने पर भी परिजनों को सूचना नहीं दी, जबकि पुलिसकर्मी उसे पहचानते थे.
३ १४से१८जनवरी तक जगदीश की मां थाना नर्मदा नगर रोज जाती है लेकिन पुलिस उसे कोई जानकारी नहीं देते.
४ जगदीश नेआत्महत्या की या उसकी हत्या हुई इस पर पुलिस ने कोई खोजबीन नही् की.
५. जगदीश के परिवार को अब तक कोई सहायता(आर्थिक) उपलब्ध नहीं हो पाई है.