
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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घटना दिनांक 9 .4 .2023 की शाम लगभग 7:00 बजे की है जब , मृतक सुभाष अपने प्राइवेट नौकरी के लिए घर से निकल गया था । वह रात्रि में एक प्राइवेट कंपनी में गार्ड की नौकरी करता था । रोज की तरह वह सुबह जब वह घर पर नहीं पहुंचा तो घर के लोग परेशान हो गए । दूसरे दिन यानी दिनांक 10. 4. 2023 को पिता को सूचना मिली कि उसका बेटा गंगा के किनारे उसकी लाश बरामद हुई है वहां पर पुलिस भी मौके पर मौजूद थी । बेटे की लाश कंकाल के रूप में बरामद हुए थे जबकि उसके कपड़े वहां पड़े हुए मिले । पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पुत्र की हत्या उसके घर के लोग दिनेश पुत्र रामधनी रामधनी साहब पुत्र राजेश गोलू पुत्र पिंटू शुभम पुत्र दिनेश सहित अन्य लोगों ने हत्या कर दी सुनीता देवी ने अपने पुत्र के गायब होने की सूचना 9.4 . 2023 को ही पुलिस को दे दिया था, पुलिस ने धारा 363 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया था लेकिन उसके पुत्र की बरामद भी नहीं हो पाई थी अभी पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में कई धाराएं लगे हैं और 6 अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और सभी को जेल भेज दिया है । लेकिन अन्य आरोपी गण अभी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं।
पीड़िता सुनीता का कहना है कि दिनेश पुलिस विभाग में नौकरी करता है जिसका नाजायज फायदा उठाकर वह हमारे बेटे की हत्या किया है।
भू माफिया अब्दुल कलाम खान और उसके साथियों ने मिलकर लक्ष्मी देवी विधवा के पूरे परिवार पर हमला कर दिया जिसमें विधवा लक्ष्मी देवी और उनकी पोती पूजा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए । विधवा बुजुर्ग महिला लक्ष्मी देवी को गंभीर रूप से मारा पीटा और उनके पेट में लात से मारा, वही उनके हाथ भी जख्मी हो गया ।इस संबंध में पीड़िता ने थाना बड़ा लालपुर पांडेयपुर में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं किया है । आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं । मामला अगर विस्तार से देखे तो मेराज खान एक नामी माफ़िया था अभी उसकी मृत्यु हो गई उसी के खानदान के यह सभी आरोपी गण हैं ।बंटवारे के बाद जमीन लक्ष्मी देवी अपने भाई से जमीन के बंटवारे के बाद अपने हिस्से की जमीन पर अभी भी काबिज है । उक्त माफिया गणों ने उनकी जमीन को जो उनके हिस्से की है उसकी फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया है । उसके बाद जब महिला को पता चला तो विरोध करना शुरू कर दिया लेकिन पीड़िता ने उसको बैनामा नहीं किया है तो उसे जमीन पर बैनामा कैसे कर लिया । जब लक्ष्मी देवी और उसकी पोती विरोध कर रही थी तो दबंग जबरन जमीन को कब्जा करने लगे और बाउंड्री तोड़कर गेट भी लगा लिया और भी जमीनों पर कब्जा कर रहा है । विधवा बुजुर्ग महिला लक्ष्मी देवी को भगाने की धमकी दे रहा है । विरोध किया तो अब्दुल कलाम पुत्र जलालुद्दीन आदिल पुत्र कलम आसिफ पुत्र कलम जो कि अशोक विहार कॉलोनी फेस 1 थाना बदल बड़ा लालपुर जिला वाराणसी के रहने वाले इन लोगों ने विधवा बुजुर्ग महिला लक्ष्मी देवी और उसकी पोती पूजा को गंभीर रूप से मारपीट करके घायल कर दिया ।
घटना दिनांक 14.9. 2023 की है यह घटना मध्य रात्रि के जब पीड़ित होरीलाल सरोज ,शिवशरण और बृजकली तीनों लोग घर से बाहर अपने दरवाजे के सामने सो रहे थे । आरोपी गण सोते समय गोली मारकर तीनों की हत्या कर दिए । घटना दूसरे दिन जब लोगों को पता चला तो पूरे घर वालों में कोहराम मच गया , तत्पश्चात पुलिस को फोन किया गया और घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह तत्काल पहुंच गए। मृतक होरीलाल के माथे और सीने पर गोली मारी गई है बेटी को गले में गोली मारी गई । ताज्जुब की बात है कि तीन फायर होने के बाद भी आसपास के लोगों ने कोई विरोध किया । पहले से ही आरोपी पीड़ितों को धमकी दे रहे थे कि तुम लोग जमीन बेचकर गांव से चले जाओ नहीं तो हत्या कर देंगे लेकिन पुलिस और प्रशासन की वजह से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया ना तो किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मिल पाई । पट्टे में मिली जमीन को कब्जे को लेकर के विवाद था पीड़ित को कब्जा मिला हुआ था ।यह जमीन 10 बिस्वा थी ।संदीपन घाट के पंडा चौराहा पर होरीलाल का पट्टा वाली जमीन पर विवाद था और इस पर होरीलाल झोपड़ी बनाकर के रह रहे थे पास से ही शिवशरण ने किराए की दुकान लेकर सहजन सेवा केंद्र खोला था होरीलाल का झोपड़ी में झोपड़ी से 100 मीटर की दूरी पर घर भी था । उक्त आरोपीगण भू माफिया किस्म के व्यक्ति थे 15 से 23 बीघे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बैठे हुए थे । चुकी पत्ते वाली जमीन ठीक चौराहे पर थी और वर्तमान समय में इसके कीमत करोड़ों में थी इस वजह से दबंग आरोपीगंज नहीं चाहते थे कि पीड़ित दलित जाति का यहां पर रहे और वह उसे जमीन को कब्जा करके या बेचकर उसे पर जो है कमाई कमाना चाहते थे उनकी नियत खराब थी जमीन पर कब्जे को लेकर कई बार मृतक होरीलाल से विवाद भी हुआ था लेकिन इतना शंका नहीं थी की हत्या कर दी जाएगी इस तरह की विविध घटना यह दर्शाता है कि निश्चित रूप से इसमें पुलिस की मिलीभगत दबंगों के साथ रही है और अक्सर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में कोई ऐसा जिला नहीं है जहां पुलिस अवैध वसूली अवैध लोगों के संगत दबंग लोगों के साथ नेटवर्क ना हो जिसके कारण समय पर पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता है और कभी ना कभी इस तरह की घटना जन्म ले लेती है। फिलहाल पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है अभी भी दो आरोपी फरार हैं और पुलिस ने फिर में 120 बी तथा एनएसए की धाराएं भी बढ़ाई हैं।
ग्राम अकबरपुर बीरबल थाना सजेती घाटमपुर कानपुर नगर उत्तर प्रदेश की घटना
दिव्य विजय पिता नन्हखू निवासी अकबरपुर बीरबल घटना दलित परिवार के साथ हुई दिव्य विजय की उम्र 27 वर्ष जो की नेवी में सरकारी नौकरी पर केरल में पोस्टिंग है दिव्य विजय की पत्नी अचानक तबीयत खराब होने के कारण दिव्या 2 या चार दिन की इमरजेंसी छुट्टी में आया था परिवार के एक रिश्तेदारी में कहीं 13वीं शोक समारोह का कोटरा गांव में आमंत्रण थे कोटरा गांव में 10/08/2023 गए हुए थे कमलेश कुमार पुत्र भूपेंद्र और दिव्यविजय गए हुए थे कोटरा गांव से आने में रास्ते में दौलतपुर गांव पड़ता है रास्ते में दौलतपुर गांव में खड़े कुछ दबंग व्यक्ति कमलेश का रास्ता रोका और बाइक खड़ी करवा ली गाली गलौज करते पता पूछे और जाति जैसे ही कमलेश ने बताया चमार जाति वैसे ही दबंग भड़क उठे आरोपी रवि यादव पवन राम जी केला और अन्य व्यक्ति सारे इकट्ठा हो गए और गाली गलौज करने लगे जाति सूचक गाली देने लगी दिव्य विजय अपनी बाइक से आगे था तभी किसी व्यक्ति ने जो की इनके साथ ही गया था बीरबल गांव का उसने को सूचना दी कि तुम्हारे पिताजी और चाचा को कुछ लोग गाली गलौज कर रहे हैं दिव्य विजय विजय तुरंत वापस गया और देखा कि उसके चाचा और पिता को मारपीट कर रहे थे तभी दिव्य विजय गुस्से में जाकर गाली गलौज करने लगा दौलतपुर गांव के ओबीसी समाज 15 से 20 लोग इकट्ठा हो गए और इन चार-पांच लोगों व्यक्तियों को बहुत मारपीट की रात का समय था गांव सभी व्यक्ति अपने घर के अंदर थे मारपीट के दौरान इतनी गंभीर हालत थी वह लोग जान से ही मारना चाह रहे लेकिन इस समय लाइट जाने के करण दिव्य विजय और परिवार साथी पास के घर में छुप गए दौलतपुर के गांव के दलित समुदाय में अपने घर में चुपचाप छुपा लिया और दिव्य विजय को छुपा लिया कैसे भी फोन लेकर दिव्य विजय ने सजेती पुलिस को सूचना दी और तुरंत फोर्स पुलिस आई और घटना जांच की जिसमें घायल व्यक्तियों को तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घाटमपुर कानपुर के लिए भेजा गया इस घटना में दलित परिवार पीड़ित परिवार है और दिव्यविजय को बहुत अधिक मारा हाथ टूटा हुआ है अभी भी वह इमरजेंसी छुट्टी में है दलित परिवार के आसपास गांव में अभी भी दबंग हमला करने के लिए बैठे हैं घर की महिलाएं खेत में चारा लेने नहीं जाती है क्योंकि वह खेत में भी छुपे बैठे हैं और बोलते हैं कि कानूनी कार्रवाई की तो उसे बार जिंदा बच गए कुछ कानूनी कार्रवाई की तो मार देंगे हमारा कुछ नहीं कर पाओगे हमारी पहुंचे पुलिस प्रशासन राजनीति आदि तक है