
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव सोहारी की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 40 कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 70 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में पंझडा (डॉम) SC जाति के 10 घर, चमार जाति के 60 घर, राजपूत जाति के 4 घर, सन्यार जाति के 50 घर, ब्राहमण जाति के 2 घर, जट जाति के 70 है इस गांव में 2 प्राइमरी व एक +2 तक हाई स्कुल है इस गांव में डिस्पेंसरी भी है व् पानी की भी कोई समस्या नहीं है.
इसी गांव में दलित चमार जाति में से राम रथ स्पुत्र नानकु रहता है जिसकी उम्र लगभग 62 साल की है वह शास्त्री मास्टर के पद से सरकारी स्कुल में से रीटाइड हुआ है. उसका एक बेटा है जो की अपनी कालेज की पढ़ाई कर रहा है. राम रथ की लगभग 1 किल्ला यानी 10 कनाल के आस पास खेती की जमीन सोहारी गांव में है. रामरथ ने अपने खेतों में मक्की की फसल बीज रखी थी मक्की की फसल निकालने के बाद कुल 700 के करीब टंडा (मक्की घास) के बण्डल अपने खेत में रख दिए जिनको 26.09.20 को रात 11 बजे के करीब गांव के ही राजपूत जाति से सम्बंधित अजय परमार स्पुत्र जगदेव सिंह ने आग लगा दी. रात को हिमांशु परमार ने राम रथ को फोन किया की आपका टंडा (मक्की घास) के बण्डल को आग लग गई है जल्दी आओ जब रामरथ ने देखा तो सारा टंडा (मक्की घास) के बण्डल जल कर राख हो गए थे रामरथ को हिमांशु परमार ने बताया की यह आग लगाने का काम अजय परमार ने किया है जब अजय परमार से इस बारे पूछा गया तो उसने बताया की मै बीडी पी रहा था और उस तरफ पेशाब करने गया तो आग लग गई तुम कर लो क्या करना है
रामरथ ने 27.09.20 को पुलिस चौकी जोल में इस घटना की लिखित शिकायत दी पुलिस ने अजय परमार को बुलाया और पूछा वहा पर अजय परमार ने अपनी गलती को माना और 10 हजार नुक्सान राशि देने को कहा और अपनी गलती को राजीनामा तौर पर लिखित में माना. इस घटना का पुलिस चौकी जौल में ही राजीनामा हो गया है.
Thillai Nathan-25 S/O Karuppusamy of Arunthathiyar community, Munduvelampatti area, Dharapuram, Tiruppur district, has been working as an agricultural laborer. On 07.07.2021 the Adhi Tamilar Pervai members have posted a wall poster regarding a public meeting near the Munduvellampatti bus stand and subsequently 10 days later, another poster on behalf of the Arunthathiyar Security Forces has been pasted on the same bus stop. Since the Munduvellampatti was dominanted by Gounders (dominant caste people) they were irritated on the posters of Arunthathiyar revolution meetings and had organized a village meeting on this regard on 16.02.2021 around 8 pm. As Thilai Nathan came home from his work and came to the tea shop and was standing near the village meeting place.
As the meeting was organized on the temple grounds at 8.00 pm and about 100 people of Gounders and Arunthathiyar gathered at the panchayat meeting. The Panchayat leaders enquiredThillainathan, about the wall posters and who had pasted it. Then they had also threatened to Thillainathan to show the person who pastes the poster. Thillai Nathan agreed that the first poster was pasted by him and the second poster could be posted by the Arunthathiyar security forces. Suddenly the Gounders started verbally abusing him in filthy and derogatory language referring to the caste names and brutally attacked him.
Immediately Thillai Nathan’s mother Lakshmi, father Karuppusamy, Father’s brother Balraj and sister in law Bhama, rushed to the spot and tried to pacify the situation. But the Gounders also verbally abused Thilanathan’s dependents in filthy language.
Thillainathan with the help of his friends Vellingiri and Krishnan was admitted to the Dharapuram Government Hospital at 9.00 am on 17.02.2021 and received first aid. Later he was admitted to the Tirupur Government Hospital for further treatment. The case has been registered in Kundadam PS and the Accused has not yet been arrested by the police.
यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव बौल की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 10 कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 70 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में पंझडा (डॉम) SC जाति के 10 घर, चमार जाति के 60 घर, राजपूत जाति के 4 घर, सन्यार जाति के 50 घर, ब्राहमण जाति के 2 घर, जट जाति के 70 है इस गांव में 2 प्राइमरी व एक +2 तक हाई स्कुल है इस गांव में डिस्पेंसरी भी है व् पानी की भी कोई समस्या नहीं है.
इसी गांव में दलित चमार जाति में से सुरम सिंह स्पुत्र गुरदास राम रहता है जिसकी उम्र लगभग 43 साल की है. वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे है एक बेटा और एक बेटी है. सुरम सिंह जो की पेशे से एक ड्राईवर है और अपनी खुद की pickup गाड़ी चलाता है.सुरम सिंह ने 10 जून, 2020 को अपने ही गावं के मणि कुमार स्पुत्र गुरबचन सिंह जाति चमार से pick up गाडी खरीदी. जो की नगद पैसे न देकर सिर्फ किश्तों पर ही ली क्यूकि मणि कुमार उसकी किश्त नही दे पा रहा था.सुरम सिंह ने 9100 की चार किश्ते अपने चेक बुक के तहत मणि कुमार को दी.लेकिन उसके बाद 16 जुलाई 2020 को मणि कुमार ने सुरम सिंह को मना कर दिया की वह अपनी गाड़ी नही बेचना चाहता. जिस पर सुरम सिंह ने उसके खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया.
03. 02. 2021 को सुरम सिंह ने गाड़ी सडक किनारे खड़ी की वहां से रात 10 बजे के करीब मणि कुमार वह गाड़ी उठाकर ले गया. जिसमे बंदरों को पकड़ने वाले पिंजरे चेक बुक बैंक खाता की कॉपी, फूट पंप जिसकी कीमत 3500 रूपये है व अन्य सामान गाड़ी में था. इस बारे सुरम सिंह ने इसकी शिकायत ASP ऊना को करी. वहां से इस घटना के बारे जोल पुलिस चोकी को कहा गया पर वहां पर SHO ने कहा में इस घटना के बारे में कुछ नहीं के सकता आपका केस कोर्ट में चला हुआ है.उसके बाद मणि कुमार ने सुरम सिंह के खिलाफ पंचायत में शिकायत कर दी की सुरम सिंह उसे बिना वजह तंग कर रहा है.
जब 10. 03. 2021 को सुरम सिंह अपनी मोम्न्यार पंचायत जलास में गया तो वहां पर वार्ड पंच संजीव शर्मा यह कह कर डराने लगा की एक चमार प्रशोतम जो दलितों का मुखिया था उसे तो मार दिया गया क्या उसकी जगह अब तू पैदा हो गया है इतने में मोका पर प्रधान अंजना देवी बोली की तुम साले चमारो का तो यही काम है. इतने में अंजना देवी के पति यशपाल सिंह ने सुरम सिंह की धक्के देकर व जातिसूचक गलियां निकलते हुए पंचायतघर से बाहर निकाल दिया. इसके बाद सुरम सिंह की मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया जिस पर सुरम सिंह ने 01. 04. 2021 को 1100 सरकारी CM नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाते हुए पंचायत के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करवा दी. जिस पर अभी तक पुलिस की तरफ से दोषियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नही हुयी है
यह घटना जिला ऊना की तहसील बस्तेहडा के गांव नंगडा फतेपुर की है यह गांव जिला मुख्यालय से 09 कि०मी० की दुरी पर है राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 70 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में चमार जाति के 45 घर, राजपूत जाति के 10 घर, तरखान जाति के 20 घर, ब्राहमण जाति के 60 घर, बाती OBC जाति के 400 घर, खत्री जाति के 7 घर व लोहार जाति के 7 घर. ज़ीर जाति के 5 घर, डाम 10 घर है. इस गांव में चमार जाति में शिव राम भाटीया स्पुत्र स्व: बारू राम रहता है जिसकी उम्र 63 वर्ष है. वह 2017 में यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से रीटाइरड हुए है. इनके पांच बच्चे है 4 लड़के और एक लड़की सभी शादी शुदा है. शिवराम भाटीया अपने घर में अपने चारों बच्चों व् उनके परिवारों के साथ इक्कठे एक ही परिवार में रहते है उनका सबसे बड़ा बेटा नरेश भाटिया जो की HDFC बैंक गगरेट में सीनियर मैनजर के रूप में कार्यरत है बाकी तीन बेटे अपना अपना व्यवसाय चला रहे है.
शिवराम भाटिया के घर से दुसरे गांव में करीब 500 मीटर की दुरी पर अमर नाथ स्पुत्र रत्न चन्द जाति तरखान (OBC) रहता है जो कि शिवराम भाटीया का काफी करीबी मित्र था और उसके साथ शिव राम भाटिया के बहुत लम्बे समय से पारिवारिक सम्बन्ध रहे है अमर नाथ की पत्नी माया देवी ने गहरे विश्वासनीय रिश्ते के तहत शिवराम भाटीया को कहा की उसके मायके में उसकी माँ व् बहन के इलावा उसका कोई भी ना है और उनकी 75 मरले ज़मीन है जो कि बेचना चाहते है वह इसके बाद 2016 के मई महीना में अमर नाथ व उसकी पत्नी ने शिवराम भाटीया के साथ अपनी ज़मीन का सौदा किया उस ज़मीन का कुल रकवा 75 मरले का है जो की 40 हज़ार रूपये मरला के हिसाब से तय हुआ इसके बाद अमर नाथ ने कहा की मुझे कुछ पैसों की अभी जरुरत है बाकि मैं जरुरत के हिसाब से आपसे पैसे लेता रहूंगा. व् शिवराम भाटीया को ज़मीन दिखा कर ज़मीन का कब्ज़ा दे दिया शिवराम भाटीया ने काफी पैसा खर्च करके उस ज़मीन का लेवल बनाया उसके बाद अमर नाथ ने शिवराम भाटीया से 3 साल में कुल 23 लाख 25 हज़ार की रकम थोड़े थोड़े पैसों के रूप में ले ली है इस ज़मीन का लेवल करने के बाद पता चला की ज़मीन के लिए बताया गया रास्ता जो है वो विवादित है पर जब अमर नाथ से बात की गई तो उसने कहा की रस्ते की जिमेदारी मै लेता हु आपको रास्ता मैं दिलाऊंगा इसी भरोसे के चलते शिव राम भाटीया ने उसको 3 साल के भीतर 23 लाख 25 हज़ार की रकम दे डाली पर अंत समय तक अमर नाथ गुमराह करता रहा कि मैं आपको रास्ते की समस्या हल कर दूंगा अगर न हो सका तो मैं अपनी फतेपुर की ज़मीन बेच कर आपके पैसे वापिस कर दूंगा. और जिस बजह से ज़मीन की रजिस्ट्री ना हो पाई है.
जब शिवराम भाटिया ने करीब 10 महीने पहले अमर नाथ व उसके परिवार से बात करी की वह ज़मीन की रजिस्ट्री करवाये तो अमर नाथ ने अपने बड़े बेटों के साथ मिलकर मना कर दिया की हमें सिर्फ 25 हजार रूपये आये है इसलिए हम कोई ज़मीन नहीं देंगे उसके बाद शिव राम भाटिया ने इनके कई रिश्तेदारों व पड़ोसियों से बात की और कई बार इसके गांव के मुखिया लोगों को इस घटना बारे बताया और अमर नाथ के घर पर भी शिव राम भाटिया अपने बड़े बेटे और पत्नी सहित बहुत बार इसके घर पर गए और ज़मीन के लेन देन और पैसो बारे बात की पर अमर नाथ ने उसके बेटों ने साफ़ मना ही किया की हम कोई ज़मीन नहीं देंगे और ना ही हमें कोई पैसे आये है सिर्फ 25000/- के इलावा. फिर इसके बाड शिव राम भाटीया ने अपनी व उनकी पंचायत से भी इस घटना बारे बात करी. पर सब जगह उन्होंने मना ही किया.
जब 17/3/21 को करीब सुबह 9 बजे शिवराम भाटीया अपने घर से 150 मीटर दूर अपने खेत में अपने बेटे अनुराग के साथ काम कर रहा था तो अचानक वहां पर अमर नाथ का बेटा प्रीतम उर्फ़ लोंगु आ गया और शिवराम भाटीया के साथ गाली गलोच करने लगा और उसने अपने ओर अन्य चार भाइयों शमशेर, रजत, सुरजीत, यशपाल को भी बुला लिया व् जब पांचों शिवराम भाटीया के साथ मारपीट करने लगे तो शिवराम भाटीया का बेटा अनुराग जो की खेत की दूसरी तरफ था वो भी आ गया तब शमशेर व् उसके भाइयों ने गालियाँ निकालते हुए कहा की तुम हमारे रिश्तेदारों में बेज़ती कर रहे हो कुत्ते चमारों सालो तुमने हमारा कर लिया इसके बाद शमशेर ने एक पत्थर शिवराम भाटीया के सर पर दे मारा जिसके तहत उनको अंदरूनी चोट लगी और पांचों शिवराम भाटीया व उनके बेटे अनुराग को पीटने लगे फिर शिवराम भाटीया के घर में पता चला तो विच बचाब में घर परिवार व् गांव वासियों सहित सब आ गये तब मौका से पाचों और उनके साथ आये अज्ञात 4 से 5 लोग वहा से भाग गए. फिर शिवराम भाटीया ने मेहतपुर पुलिस चौकी में अपनी शिकायत दर्ज करवाई उसके बाद पुलिस ने शिवराम भाटीया व् उनके बेटे अनुराग का मेडिकल करवाया जिस वजह से शिव राम भाटिया को 4 दिन अस्पताल ऊना में दाखिल रहना पडा. पर FIR होने उपरांत भी अभी तक दोषी गिरफ्तार नहीं हुये हैं.