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दलित पर दराट से जानलेवा हमला कर किया लहुलुहान at Baloun

    यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव भरमाड डाकघर बलौंन, उप तहसील जोल तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हि०प्र० 174314, की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 50  कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 72 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में पंझडा (डॉम) SC जाति के 2 घर, चमार जाति के 10 घर, राजपूत जाति के 15 घर, जीर जाति के 3  घर, ब्राहमण जाति के 11 घर, है इस गांव में 2 प्राइमरी व एक +2 तक हाई स्कुल है इस गांव में डिस्पेंसरी भी है व् पानी की भी कोई समस्या नहीं है.


     


    इसी गांव में दलित जाति डॉम( पंझडा) SCमें से दर्शन कुमार स्पुत्र गुरदास राम रहता है जिसकी उम्र लगभग 50 साल की है वह विवाहित है और उसकी तीन बेटियां एक बेटा है. वह निम्न पते का रहने वाला है गांव गांव भरमाड डाकघर बलौंन, उप तहसील जोल तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हि०प्र० 174314, है.


     


     दिनाक 4/09/20 को दर्शन कुमार अपने मनरेगा के काम के लिए सुबह 8:30 पर घर से गया मनरेगा का काम गांव में ही दर्शन कुमार के घर से 1 कि०मी० दुरी पर लगा हुआ है. जब दर्शन कुमार अपने घर से अभी 250 मीटर दुरी पर ही गया था तो इतने में उसके बेटे मुकेश का फोन आया की पापा आप घर आ जाओ यहाँ घर पर हमारी जमीन से योगराज ट्रैक्टर निकाल कर ले जा रहा है. क्योंकि योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा के रास्ते को लेकर विवाद चला हुआ है योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा दर्शन कुमार के घर से 300 मीटर की दुरी पर अपनी आवादी में रह रहा है. लेकिन उसने लगभग 4 साल पहले दर्शन कुमार के मकान के थोड़ा पीछे अपनी ज़मीन में अपना काफी बड़ा मकान बनाया और जब योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा  के मकान का काम चला हुआ था तो उसने दर्शन कुमार के साथ दोस्ताना रख रखाव रखा और दर्शन कुमार की ज़मीन से ही सारा मकान बनाने का सामान निकाला और दर्शन कुमार के घर से ही बिजली का कनेशन लिया लेकिन जब योगराज शर्मा का मकान बन कर तेयार हो गया तो उसने अपने मकान वाली ज़मीन को कांटे दार तारों से चारों और से बंद कर दिया इसी दौरान दर्शन कुमार की बेटियाँ अपने खेतों से लकड़ी लाने योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा की ज़मीन से गुजरने लगी तो उसने रोक दिया और कहा की इधर से नहीं आना जाना है तुम लोगों ने उसके बाद फिर दर्शन कुमार ने भी योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा को मना कर दिया की आप भी हमारी जमीन से नहीं आ जा सकते


         दिनाक 4/09/20 को जब योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा अपने खेतों को जोतने के लिए दर्शन कुमार की ज़मीन से जबरदस्ती ट्रैक्टर निकालने लगा तो उसको दर्शन कुमार के बेटे व पत्नी ने रोका तो योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा झगडे पर उतारू हो गया और दर्शन के बेटे को गालियाँ निकालते हुए पीटने लग गया इतने में दर्शन कुमार भी मनरेगा के काम को जाते हुए वापिस आ गया उस दोरान योगराज शर्मा स्पुत्र स्व: धनी राम शर्मा दर्शन कुमार के बेटे को लात मुक्कों से पीट रहा था और कह रहा था सालो डूमनो तुम लोगों को जला कर राख कर दूंगा व् और भी काफी जाति सूचक गालियाँ निकलता रहता है.  जैसे ही दर्शन कुमार अपने बेटे को योगराज शर्मा के चुंगल से छुडाने लगा तभी योगराज शर्मा की पत्नी मीना ने दर्शन कुमार के सिर में दो बार डंडों से वार किया और दर्शन कुमार अपनी सूद बुध खो बैठा जब वह उठ कर संभला तो योगराज शर्मा ने उसके दायें कंधे पर दराट से हमला कर उसको लहू लुहान कर दिया फिर दर्शन कुमार बेहोश हो गया और उसे उसके बेटे ने पुलिस चौकी जोल पहुचाया लेकिन 2 घंटे तक पुलिस ने बिठा रखा और कोई भी शिकायत ना लिखी फिर 2 घटें बाद शिकायत लिख कर दर्शन कुमार को अस्पताल बंगाणा ले जा कर मेडिकल करवाया और वहा पर दर्शन कुमार को कंधे पर 9 टाँके लगे पर दुःख की बात यह है की दोषी अभी भी अपने पास दराट लेकर घूम रा है और पुलिस द्वारा कोई कारवाही ना की है.     


     

  • Posted by: NDMJ - Himachal Pradesh
  • Fact finding date: Not recorded
  • Date of Case Upload: 16-09-2020

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Dalit man Nithishkumar abused by Caste name and brutally attack by Caste hundu

    Mr. Munusaamy and his wife Amsavalli belonged to the Scheduled caste and resident of Melmalaiyanur Block Melachrery village in Villupuram District. Their elder son Nithishkumar had gone to his grandmother’s home in melacherry village on 19.07.2020 around 5.30PM. Nithishkumar took a pakoda from his grandmother lakshmi and went near the Village Panchayat office and started eating. And then Anbazhagan of Uudaiyar caste (dominant caste) asked Nithish Kumar that “who are you, why are you eating pakoda here?”, Nithishkumar had replied him that he has come to his grandmother lakshmi’s house. The next moment Anbazhagan had verbally abused Nithishkumar with filthy words and abused by referring to the caste name. Anbazhagan and karthikeyan brutally attacked Nithishkumar with a knife, wooden logs and iron rod. Nithishkumar was severely injured in the brutal attack. That same night around 8.00 PM Nithishkumar was admitted in Gingee government hospital as an outpatient and got treatment and returned home. Next day 20.7.2020 at 11.00PM Nithishkumar had lodged a complaint at Gingee police station. The accused persons were arrested under SC/ST POA amendment act -2015. 


    on 20.07.2020 FIR has been registered at the Gingee PS with the crime no: 2577/2020 u/s 147, 148, 294(b),323, 324, 427,506(ii) IPC r/w: 3(1)(r), 3(1)(s), 3(ii)(Va)  – SC/ST PoA  Act.

  • Posted by: Social Awareness Society for Youths-SASY
  • Fact finding date: 20-07-2020
  • Date of Case Upload: 14-09-2020


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1) FIR Copy 

दलित युवती का जातिय शोषण व रास्ते पर जाने से रोकना at Nakdoh

    यह घटना जिला ऊना की तहसील घनारी के गांव राम नगर (नकडोह) बार्ड न० 1 की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 50 कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 70 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में चमार जाति के 15 घर, राजपूत जाति के  25 घर, ब्राहमण जाति के 4 घर, बाती (OBC) 250, लोहार जाति के 3 गुज्जर जाति के 20 घर. जुलाहा जाति के 20 घर, झीर जाति के 4 घर है.


     


                 इसी गांव में दलित चमार जाति में से वीना कुमारी पत्नी श्री राकेश कुमार रहती है राकेश कुमार राजपूत जाति से सम्बन्ध रखता है, इन दोनों ने प्रेम विवाह करवाया है. इन दोनों की शादी 12 फरवरी 2009 को जिला ऊना की तहसील अम्ब के कोर्ट में हुई है. इन दोनों की अंतरजातीय शादी को लेकर बीना और राकेश कुमार के परिवार वाले सहमत हैं. बीना देवी के 2 बच्चे हैं एक बेटा और बेटी. इसी गांव में बीना देवी के घर परिवार से लगभग 200 मीटर की दुरी पर चैंचल सिंह अपने परिवार के साथ रहता है जो की अपने मामा मामी के घर में रहता है. चैन्चल सिंह की पत्नी का नाम सलोचना देवी है सलोचना ने सन 2011 में बीना देवी को धीरे धीरे बातें सुनानी शुरू कर दी की देखो वो जा रही है चमारी जिसने हमारे राजपूत लडके से शादी की है. इसके बाद हर आये दिन सलोचना देवी ने बीना देवी को तंग करना शुरू कर दिया. इस बात को लेकर राकेश कुमार ने कई सलोचना देवी की मिन्नत की की वह इस तरह की अभद्र टिप्पणिया ना किया करे पर इस पर सलोचना ने को बात ना मानी और अपने अभद्र व्यंग जारी रखे जिस पर बीना देवी का घर से आना जाना दुशवार हो गया जिस पर बीना देवी ने तंग आ कर 23.1.16 को पुलिस थाना अम्ब में अपनी शिकायत कर दीऔर उस दिन बीना देवी के साथ सलोचना देवी ने अपनी गलती मानते हुए राजीनामा कर लिया इतना होने की बावजूद भी सलोचना देवी अपनी घटिया मानसिकता से बाज़ नहीं आई और हर आये दिन बीना देवी को जातिय टीपनी करती रही


     


         बीना के घर पक्की सड़क तक 200 मीटर का कचा रास्ता है और बहुत साड़ी जंगली झाड़ियाँ है जबकि सलोचना देवी का घर बिलकुल पक्की सड़क के साथ है जब बीना व उसके पति ने पंचायत से मिलकर कच्चे रास्ते की सफाई के लिए 1 लाख रूपये पास करवाए और 8.8.20 को रास्ते की सफाई हेतु पंचायत ने लेवर लगा दी इतना देख सलोचना देवी उन्हें गालियाँ निकालने लगी और धमकियां देने लगी जब वीना ने इसका विरोध किया तो सलोचना कहने लगी के मैं तुझे जेल बिजवाउंगी चक्की और इस रास्ते को कभी पका नहीं होने दूंगी तू चमारी हमारे राजपूतों के बीच आ गई है. सलोचना बीना के साथ हाथापाई पर उतारू हो गई. और कहने लगी तेरे पति को अपनी बेटियों की छेड़खानी करने के आरोप में फसाउंगी.


             फिर बीना ने अपने पति को साथ लेकर थाना अम्ब में अपनी शिकायत दर्ज करवाई और सलोचना देवी के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी पर अभी तक सलोचना देवी के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है.        

  • Posted by: NDMJ - Himachal Pradesh
  • Fact finding date: 14-08-2020
  • Date of Case Upload: 19-08-2020

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Pandiri Aruna

    Case details is not available
  • Posted by: Dalit Sthree Sakthi
  • Fact finding date: 25-06-2020
  • Date of Case Upload: 19-08-2020


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1) Aruna Docs 

Buddamolla Sunitha

    Details of the Case:


    Buddamolla Satteyya and Sunitha are residents of Vubagunta village, Shabad Mandal, Ranga Reddy district.  They are S.C. Mala by caste and he works as a plumber.  As there was no sufficient earnings in the village, he shifted to Milardevpalli, Rajendra Nagar mandal and settled there in Rajiv Gruha Kalpa works.  On 28-05-2020 Sunitha suffered pains and sprains in the hands and legs.  She was taken to “Sri Srinivasa Multi Specialty Hospital” opposite to police station of Milardevpalli.  This hospital was inaugurated about 6 months ago and it belongs to the relatives of local M.L.A. Prakash Gowd.    At the time when Sunitha was joined in the hospital one Mr. Raghavendra Gowd was on duty.  He treated her and by about 11.00 a.m. Sunitha got relief and felt cured.  Then the doctor told Sunitha, her husband and relatives that though it is cured now, for permanent cure it is necessary to know the actual cause by examining blood reports.   Sunitha and her relatives agreed and got the blood tested.  The reports came in the evening and at about 8.00 p.m., Dr. Raghavendra Gowd and another doctor examined the reports and informed them that Sunitha has sodium deficiency and that it is necessary to give sodium injections.  They said that it is necessary for her to be admitted in the hospital for three days treatment.  Then they started giving her glucose.  At about 8.30 – 9.00 p.m. Sunitha felt severe pain and cried.  She asked them to remove glucose saline.  Husband and relatives of Sunitha approached the doctor and told him that Sunitha was feeling pain and crying. 


     


    Then the doctor told them that there would be pain while administering medicines and asked them to go away from there, saying that Sunitha would not co-operate for treatment if they are present around her.  At about 10.00 p.m. the husband and relatives went to see Sunitha, they found her shifted from general ward and joined in ICU.  Shocked at the turn of events, they asked the doctor what happened and why she was shifted to ICU.  They asked the doctor to show her to them.  Then they all went to ICU and saw her and found her unconscious.  They questioned the doctors to tell them what happened.  The doctors said, nothing happened, she if fine and just they shifted her to ICU because there is A.C, there and that she is sleeping.  The doctors asked they to go away from ICU.  But after some time, the relatives noticed that the doctors and nurses are running around and were in commotion, they felt that something had gone serious and saw Sunitha in ICU.  They found her on ventilators and then they grasped that it was serious and that the treatment turned out to be spurious.   It was around11.00 p.m. at that time.   The relatives started shouting at the doctors for their misdeeds, then Dr. Raghavendra Gowd told that she was alright and that the pulse is fine and suggested them to take her to Apollo hospital.  Then they shifted her to their ambulance along with two nurses.  But the relatives insisted that the doctors should accompany them to tell the doctors at Apollo about the medicines and treatment given by them.  Then the doctors told them to go first and that they would follow.  But the relatives got suspicion and kept Mr. Sudhakar, the brother of Sunitha at the doctors to see if they would start or not.  As he was there and pressurizing them to start, the doctor started in his car along with Sudhakar and reached Apollo hospital. 


    There he asked Sudhakar to get down and stay there while he will park his car and come back.  But instead of parking the car, he sped away in the car at a high speed.  At that time the Apollo doctors who examined Sunitha told the relatives that she was brought dead and she expired 15 minutes ago.  When the relatives of Sunitha asked the doctors at Apollo about the cause of death, they replied that they can’t say anything without examining case sheets and line of treatment.


    All the relatives went back to Sri Srinivas Hospital by around 11.30 p.m., by then there were local politicians and police at the hospital.  The husband gave police complaint against the doctors at the Milardevpalli police station.  From then onwards until the afternoon of next day the politicians and the police attempted to convince the husband of Sunitha for a compromise.  The ACP himself gave Rs.50,000/ to Mr. Sudhakar, the brother of Sunitha telling him to utilize the amount towards funeral expenses.  The police themselves arranged a DCM and transported the dead body to their village.

  • Posted by: Dalit Sthree Sakthi
  • Fact finding date: 29-05-2020
  • Date of Case Upload: 19-08-2020


Files

1) Sunitha Docs 
2) Sunitha 
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