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The victim in the incident is a fifteen-year-old girl. This girl is studying in 9th class. The girl's father died a few years ago. She lives with her mother and siblings. According to the girl, the culprit Sanjay Machhindra Mohite and the culprit number 2 Vilas Vinayak live behind their house and since before Diwali, both the culprits were trying to increase their conversation with the victim. They were repeatedly trying to talk to her. One day, Sanjay Machhindra Mohite called the victim to talk to her. One day before Diwali, the culprit Sanjay Mohite called the victim behind the house around 1 pm and said, "I love you very much and let's meet in my farm." At 3 pm, he took the victim to his farm and raped the victim. He also threatened to kill the victim if she told anyone. But after that, Sanjay Machhindra Mohite started having sexual intercourse with the girl repeatedly. On 212 2013, the victim told the victim that Sanjay Machhindra Mohite had sex with her. He took her to the farm where Vilas Vinayak Mule also raped the victim and then Sanjay Machhindra Mohite also raped the victim.
The accused first physically assaulted a relative of the victim someday around November 23, 2022. They had showed up to beat up the roommate of the victim's relative, but as the roommate was not present, they physically assaulted the victim's relative instead. When the victim found out about this, they came to the defense of their relative, after which the accused threatened to beat up the victim and their relative in their hometown. On December 30, 2022, the accused showed up at a salon and physically assaulted the victim's relative. The FIR was then filed on December 1st, 2022, under IPC sections 307, 326, 324, 452, 34; and PoA sections 4(1), 1(s). DYSP Basavraj Shivpunje conducted the spot inspection.
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यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव रायेपुर मैदान की है। इस गांव में पीड़िता सुमन देवी पत्नी राजेशा कुमार, जिनकी आयु वर्तमान में 40 वर्ष है और जिन्होंने केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है, अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए पूर्णतः घरेलू जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनके कुल चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां (क्रमशः 21 वर्ष, 18 वर्ष और 15 वर्ष) और एक 5 वर्ष का सबसे छोटा बेटा शामिल है। उनके पति राजेश कुमार आजीविका कमाने के लिए विदेश में रहते हैं, जिन्हें साल 2023 में गांव के ही सुनील कुमार उर्फ सोनू (पुत्र राम आसरा, निवासी बडौर) ने पैसे लेकर वीजा लगवाया और विदेश भिजवाया था। पति के विदेश जाने के कुछ ही समय बाद, आरोपी सुनील कुमार ने सुमन देवी की कम शिक्षा और अकेलेपन का फायदा उठाने की नीयत से उनके मोबाइल नंबर पर अश्लील मैसेज भेजने और वीडियो कॉल के माध्यम से अभद्र व गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया।जब सुमन देवी ने इस अनैतिक व्यवहार का कड़ा विरोध किया और आरोपी को साफ शब्दों में कहा कि वे एक संस्कारी महिला हैं और उन्होंने उसके सारे पैसे भी वापस कर दिए हैं, तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि उसने ही उनके पति को विदेश भेजा है और वह जब चाहे उन्हें वापस बुला सकता है।इसके बाद आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और इनकार करने पर दुर्भावनापूर्वक सुमन देवी की तस्वीरों को एडिट करके इंटरनेट पर वायरल कर दिया तथा झूठे तथ्यों के साथ उन तस्वीरों को उनके पति राजेश कुमार को भेज दिया ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके. इंटरनेट पर फोटो देखने के बाद, उनके पति ने उन पर गंभीर संदेह करना शुरू कर दिया। सुमन देवी ने अपने पति को आरोपी की इस घिनौनी साजिश और नाजायज दबाव के बारे में सब कुछ सच-सच बताया, लेकिन आरोपी द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण उनके पति हर समय उन पर शक करने लगे और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित करने लगे, जिससे सुमन देवी का घरेलू जीवन पूरी तरह नरक बन गया।
इस मानसिक और पारिवारिक उत्पीड़न के बीच, आरोपी सुनील कुमार उर्फ सोनू की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसने सुमन देवी के साथ-साथ उनके बुजुर्ग ससुर को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया ताकि परिवार को पूरी तरह तोड़ा जा सके। दिनांक 18 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे, जब सुमन देवी के ससुर हमेशा की तरह पशुशाला की तरफ जा रहे थे, तो आरोपी सुनील कुमार ने रास्ते में उनकी गाड़ी रोक ली और उनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी।आरोपी ने ससुर को सरेआम अपमानित करते हुए उनके लिए "चमार" जैसे घोर जातिसूचक शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया और समाज में उनकी औकात दिखाने की बात कही।इस घटना के दौरान जब उनके ससुर ने आरोपी को ऐसी नीच हरकतें करने और जातिसूचक गालियां देने से रोका, तो वहां मौजूद राजीव उर्फ कालू की उपस्थिति में भी आरोपी ने कोई शालीनता नहीं दिखाई और पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी देता रहा।एक तरफ पति द्वारा लगातार किया जा रहा मानसिक उत्पीड़न व शक का माहौल, और दूसरी तरफ आरोपी द्वारा उनके ससुर को दी जा रही जातिसूचक प्रताड़ना—इन सभी असहनीय परिस्थितियों से तंग आकर जब कोई रास्ता नहीं बचा, तब इस गंभीर घटना की सूचना मिलने पर 'नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स' (NCDHR) की टीम ने मौका पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। NCDHR की टीम ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर पीड़िता सुमन देवी का विस्तृत बयान लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) व थाना प्रभारी (SHO) से मुलाकात की। NCDHR टीम के इस कड़े हस्तक्षेप और कानूनी समझ के बाद, अंततः पुलिस प्रशासन हरकत में आया और थाना बंगाना (जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश) में आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 351(2) (आपराधिक धमकी) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) (सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक अपमान व प्रताड़ना) के तहत यह आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई गई.